500+ Paryayvachi Shabd (पर्यायवाची शब्द) in Hindi पूरी सूची

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अंक : गोद, संख्या, चिह्न, अध्याय।
अंग : भाग, उपाय, देह, अवयव।
अंतर : आकाश, अवधि, मध्य, अवकाश।
अंधकार : अंधेरा, तम, तिमिर, तिमिस्त्र।
अंध : नेत्रहीन, सूरदास, अंधा।
अंबुज : कमल, नीरज, जलज, पंकज।
अंवर : आकाश, कपड़ा।
अग्नि : आग, पावक, अनल, वहि, कृशानु।
अज : शिव, दशरथ के पिता, कामदेव, ब्रहा।
अजित : अजेय, अदम्य, अपराजिता, दुर्दात।
अतिथि : अभ्यागत, पाहुन, आगंतुक।
अधम : नीच, पतित, निकृष्ट।
अधर : होंठ, धरती, आसमान के बीच का भाग।
अनार : दाड़िम, शुकप्रिय, रामबीज।
अनी : सेना, दल, कटक, नोक, चमू।
अनुचर : दास, सेवक, भृत्य, नौकर, परिचारक।
अनुपम : अपूर्व, अनोखा, अनूठा, अद्भुत।
अन्न : अनाज, शस्य, धान्य।
अन्य : अपर, दूसरा, पृथकू, भिन्न।
अपमान : तिरस्कार, अनादर, अवमान, बेइज्जती।
अपवाद : कलंक, निन्दा, नियम से बाहर।
अभिमान : घमंड, अहंकार, गर्व, दर्प।
अमृत : पीयूष, सुधा, अमिय, सोम।
अरण्य : वन, जंगल, कानन, विपिन, अटवी।
अर्थ : हेतु, धन, कारण, प्रयोजन।
अलि : पंक्ति, सखी।
असंगत : अनर्गल, अनुपयुक्त, असंबद्ध।
असुर : राक्षस, दानव, निशाचर, रजनीचर।
आँख : नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु, दृक्, अनि।
आकाश : नभ, गगन, व्योम, यौ, अंबर, शून्य।
आज्ञा : आदेश, हुक्म।
आनंद : हर्ष, मोद, प्रसन्नता, उल्लास, आह्लाद।
आभूषण : अलंकार, गहना, आभरण, मंडन।
आम : आग्न, सहकार, रसाल।
इंद्र : देवराज, शक्र, सुरपति, मधवा।
इच्छा : अभिलाषा, चाह, लालसा, कामना, आकांक्षा।
ईश्वर : प्रभु, परमात्मा, ईश, अनंत, भगवान्, जगदीश्वर।
उपवन : उद्यान, आराम वाटिका, फुलवारी।
कमल : पंकज, नीरज, सरसिज, सरोज, पद्म, इंदीवर।
कर : हाथ, हस्त, किरण, प्राणी।
कल्पवृक्ष : कल्पतरु, कल्पद्रुम, सुरतरु।
कान : श्रवण, कर्ण, क्षोत्र।
कामदेव : अनंग, कंदर्प, मनोज, मनसिज, मदन, मन्मथ।
कारागार : जेल, बंदीगृह, कैदखाना।
किनारा : तट, कूल, तीर, कगार।
किरण : कर, रश्मि, अंशु, मयूख, मरीचि।
कुबेर : धनेश, घनद, धनाधिप।
कृपा : दया, अनुकम्पा, अनुग्रह।
कृषक : किसान, खेतीहर, हलवाहा, कृषिजीवी।
कृष्ण : केशव, माधव, गोपाल, गिरिधर, वासुदेव।
केश : कच, कुंतल, अलक, बाल।
कोप : क्रोध, रोष, गुस्सा, अमर्ष।
कोमल : मृदु, सुकुमार, नरम, मसूण, नाजुक।
कोयल : पिक, कोकिल, श्यामा।
खड्ग : असि, तलवार, कृपाण, चंद्रहास, करवाल।
खर : गधा, बगुला, कौआ, तिनका, तीक्षण, खुट्टा।
खल : दृष्ट, धूर्त, शठ, दुर्जन, कुटिल।
गंगा : मंदाकिनी, जाह्नवी, देवनदी, सुरसरिता, भागीरथी।
गणेश : एकदंत, गजबदन, गजानन, गणपति, गौरी पुत्र।
गदहा/गधा : खर, गदर्भ, वैशाख नन्दन, लम्ब कर्ण।
गाय : गो, धेनु, सुरभि।
गृह : घर, आगार, आयतन, आवास, ओक, धाम, गेह।
घट : घड़ा, कुम्भ, कलश, कुट, निप।
घन : बादल, हथौड़ा, भारी, घना।
घर : मकान, आवास, कुल, बैठने का स्थान, कार्यालय।
घी : घृत, आज्य, सर्पि, हव्य।
घोड़ा : सैंधव, तुरंग, अश्व, घोटक, हय।
चाँदनी : ज्योत्स्ना, चंद्रिका, कौमुदी।
चाँद : शशि, चंद्रमा, सुधाकर, विध, सोम, शंशाक, इंदु, रजुनीश, निशिपति, हिमांशु।
छाता : छत्र, आतपत्र, छतरी।
जगत् : संसार, संसृति, जग, लोक, भव, दुनिया।
जल : पानी, पानीय, वारि, प्य, उदक, नीर, सलिल, अंबु।
झूठ : असत्य, मिथ्या, मुधा, मृथा।
ठठोली : हास, परिहाल, हँसी, मज़ाक।
तलवार : असि, खड़ग, कृपाण, करवाल, चंद्रहास।
तारा : उडु, नक्षत्र, तारक।
तालाब :  सर, तड़ाग, सरोवर, ताल, जलाशय, पुष्कर, हद।
तीर : शर, इषु, वाण, शिलीमुख, नाराच, विशिख।
दाँत : दांत, रद, दशन।
दास : किकर, अत्य, अनुचर, सेवक, परिचारक, नोकर।
दिन : दिवस, अहः, वासर, वार।
दीन : गरीब, निर्धन, बेचारा, हीन।
दुःख : कष्ट, वेदना, क्लेश, व्यथा, विषाद, संताप।
दुर्गा : चंडी चामुंडा, चर्मगुंडा चण्डिका, भवानी, शाम्भवी।
दूध : दुग्ध, पर्य, क्षीर।
देवता : देव, सर, निर्जर, त्रिदश, विबुध, अमर।
देह : शरीर, काय, वपु, तनु, तन, घट, काया।
धन : संपत्ति, संपदा, संपत, वित्त, अर्थ, दौलत।
धनुष : बाप, शरासन, कार्मुक, कोदंड।
नौका : तरणी, तरी, जलयान, नाव, जलपाळ।
पंडित : सुधी, कोविद्, विद्वान्, दुध, मनीषी।
पक्षी : शकुन्त, अंडज, शकुनि, खग, विहग, विहंगम, पखेरू, खेचर, द्विज।
पति : स्वामी, नाश, भर्ता, कांत, वर, वल्लभ।
पत्ता : किसलय, पल्लव, पर्ण, पत्र।
पत्थर : प्रस्तर, पाषाण, अश्म, पाहन, उपल।
पत्नी : वधू, भार्या, दारा, वल्लभा, गृहिणी, अर्धागिनी, बहू, तिय।
परोक्ष : अदृश्य, अप्रत्यक्ष, अगोचर।
पर्वत : नग, अचल, गिरि, धराधर, अदि, पहाड़, शैल, भूधर।
पर्वत : भूधर, शैल, अचल, गिरि, महाधर, नग, पहाड़।
पवन : वा, वात, मारुत, अनिल, जगत्प्राण, प्रभंजन।
पार्वती : उमा, गौरी, शिव, भवानी, रूद्राणी, गिरिजा, शैलसुता, सर्वमंगला।
पुत्र : आत्मज, बेटा, सुत, पूत, नंदन, लड़का, तनयप।
पुत्री : तनया, तनुजा, दुहिता, लड़की, आत्मजा, सुता, बेटी, नंदिनी।
पुष्प : फूल, प्रसून, कुसुम, पुहुप, सुमन।
पृथ्वी : धरा, भू, भूमि, अचला, धरती, धरणी, वसुधा, अवनि, मेदिनी, क्षिति, धरित्री, जगती।
प्रकाश : प्रभा, ज्योति, चमक, छवि, विभा, आभा, आलोक, धुति।
भौरा : मधुकर, अलि, भ्रमर, मधुप, मिलिंद, द्विरेफ, षट्पद।
मछली : मीन, झख, अष, मकर, मत्स्य।
मदिरा : मधु, हाला, सुरा, शराब, मद्य, वारुणी।
महादेव : शिव, हर, पशुपाते, शंकर, चन्द्रशेखर, कैलाशनाथ, गिरिजापति, गिरीश, भूतेश, वामदेव।
माता : जननी, अंबा, विका, प्रतदिनी।
मित्र : सुद, दोस्त, स्नेही, हित्।
मृत्यु : मौत, निधन, देहावसान, काल, देहान्त, मरण।
मोक्ष : मुक्ति, निर्वाण, अपवर्ग, परमपद, केवल्य।
मोर : केकी, शिखी, नीलकण्ठ, मयूर।
युद्ध : रण, संग्राम, लड़ाई, तमर।।
राक्षस : दनुज, निशाचर देय, दानव, अलुर। ‘
राजा : नरेश भूपाल, नरेन्द्र, महीपाल, नृप, नृपति।
रात्रि : यामिनी, विभावरी, निशि, रात, रजनी, निशा।
लहू : रक्त,खून, शोणित, रुधिर।
वाण : तरी, सर, विशिख, शिलीमुख, नाराच, ईषु।
वायु : अनिल, वात, हवा, पवन, समीर, समीरण।
वृक्ष : रुख, विटप,, पादप, तरु, पेड़।
शत्रु : अर, रिप, दुश्मन, आराति।
संसार : विश्व, जगत्, जग, दुनिया, भव।
समुद्र : सागर, सिंधु, रत्नाकर, जलवि, पारावार।
सर्व : सव, सकल।
सवेरा : सूर्योदय, अरुणोदय, प्रातः, उषा, भोर।
साँप : नाग, फणि, व्याल, सर्प, अहि, भुजंग।
सिंह : पंचमुख, वनराज, केसरी, मृगराज, मृगेन्द्र, शेर, शार्दूल।
सिर : शीश, मुण्ड, शीर्ष।
सुंदर : चारु, मनोहर, मणीक, ललित, कलित, मंजुल।
सुगन्धि : सौरभ, महक, खुशबू।
सूरज : भानु, भास्कर, रवि, दिवाकर, दिनश।
सेना : अनि, दल, चयू, कटक, फ़ौज।
सोना : हेम, हिरण्य, कंचन, स्वर्ण।
स्त्री : जारी, वनिता, अवलो, ललना, कान्ता, अंगना, रमणी, कागिनी।
स्वर्ग : देवलोक, परलोक, नाक, दिव, वैकुण्ठ।
हनुमान : कपीश्वर, अंजनीनंदन, महावीर, बजरंगबली।
हाथ : हस्त, कर, पाणि।
हाथी : दंती, द्विरद, मतंग, हस्ती, गज, करी।
हिरण : कुरंग, सारंग, मृग।

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